Bharat ka Sabse Lamba Expressway – रेलवे नेटवर्क के साथ साथ भारत दुनिया के उन देशों में से एक है जिसके पास 1000 km से भी ज्यादा expressway network फैला हुआ है| आज भारत जिस प्रगति से उन्नति की ओर बढ़ रहा है, उसमें इन एक्सप्रेसवे की प्रमुख भूमिका रही है|
इन्ही एक्सप्रेसवे की मदद से आज लम्बी दुरी का सफर चंद मिनटों में संभव हो पा रहा है| इसके साथ साथ ये एक्सप्रेसवे देश के उन हिस्सों को भी जोड़ता है जहाँ आसानी से व्यवसाय पहुँच नहीं पता जिससे आज व्यवसाय को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना आसान हो गया है|
आज हमारे देश भारत में कुछ ऐसे लम्बे एक्सप्रेसवे बने है जिनकी वजह से ये विश्वविख्यात है| आज के लेख में हम इसी पर चर्चा करेंगे और जानेंगे India ka Sabse Lamba Expressway.
Bharat ka Sabse Lamba Expressway
Allahabad Bypass Expressway
ये एक्सप्रेसवे National Highway 2 प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनाया गया है जिसकी लम्बाई लगभग 84 km की है| इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद से NH2 के वाहनों को अलाहाबाद (प्रयागराज) के शहर से होकर नहीं जाना पड़ता जिससे काफी समय बचता है और मुख्य शहर की भीड़ भी काफी कम होती है|
इस एक्सप्रेसवे को साल 2009 में आम जनता के लिए खोल दिया गया था| भारत का सबसे लम्बा बाईपास एक्सप्रेसवे होने के साथ साथ ये एशिया के टॉप बाईपास एक्सप्रेसवे की गिनती में भी आता है|
Ahmedabad Vadodara Expressway
ये एक्सप्रेसवे गुजरात के अहमदाबाद और वड़ोदरा शहरों को जोड़ता है और इनके बीच की दुरी को 1 घंटे तक कम करता है| इस एक्सप्रेसवे की लम्बाई लगभग 93 km की है| इस एक्सप्रेसवे को महात्मा गाँधी एक्सप्रेसवे और NH1 भी कहा जाता है| इस एक्सप्रेसवे का प्रमुख उद्देश्य है अहमदाबाद और वडोदरा के बीच तेज और सुगम सड़क संपर्क उपलब्ध कराना|
इस एक्सप्रेसवे का निर्माण मुख्य रूप से तेज गति वाले यातायात को ध्यान में रखकर किया गया है| पुराने अहमदाबाद-वडोदरा मार्ग की तुलना में यह मार्ग यात्रियों को अपेक्षाकृत तेज यात्रा का विकल्प प्रदान करता है|

Jaipur Kishangarh Expressway
ये एक्सप्रेसवे राजस्थान की राजधानी जयपुर को किशनगढ़ से जोड़ती है| राजस्थान में स्तिथ इस एक्सप्रेसवे की लम्बाई लगभग 90 km है| ये एक 6 lane का एक्सप्रेसवे है जिसका उद्घाटन साल 2005 में हुआ था| रिपोर्ट के मुताबिक़ इस एक्सप्रेसवे को बनाने में लगभग 730 करोड़ तक का खर्च हुआ था|
यह मार्ग वर्तमान में NH-48 का हिस्सा है और भारत के प्रमुख Golden Quadrilateral सड़क नेटवर्क से जुड़ा हुआ है| जयपुर और किशनगढ़ राजस्थान के महत्वपूर्ण शहर हैं| किशनगढ़ अपने मार्बल और पत्थर उद्योग के लिए प्रसिद्ध है, जबकि जयपुर राज्य का प्रमुख पर्यटन, व्यापार और प्रशासनिक केंद्र है| इसलिए दोनों शहरों के बीच तेज और बेहतर सड़क संपर्क विकसित करना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य था|
Mumbai Pune Expressway
ये एक्सप्रेसवे मुंबई को पुणे से जोड़ता है| इस एक्सप्रेसवे की लम्बाई लगभग 94 km की है| ये एक 6 lane एक्सप्रेसवे है| ये भारत का पहला 6 lane concrete expressway है| इस एक्सप्रेसवे को साल 2002 में चालू किया गया था जिसके बाद से भारत के सड़को पर automobile परिवहन में तेज़ी देखने को मिली थी|
ये एक्सप्रेसवे भारत के बाकि एक्सप्रेसवे की तुलना में काफी व्यस्त भी माना जाता है| इस एक्सप्रेसवे से यात्रा करने के दौरान पर्वत, सुरंगे, और प्राकृतिक सुंदरता के दृश्य भी देखे जा सकते है|
Western Peripheral Expressway
इस एक्सप्रेसवे को Kundli-Manesar-Palwal (KMP) expressway भी कहा जाता है जो लगभग 135 km लम्बा है| ये एक्सप्रेसवे हरियाणा राज्य में स्तिथ है जिसे साल 2016 में चालू किया गया था| यह दिल्ली के पश्चिमी हिस्से के चारों ओर एक बाईपास की तरह काम करता है|
इसका महत्वपूर्ण लाभ यह है कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों से आने-जाने वाले कई मालवाहक और लंबी दूरी के वाहन दिल्ली में प्रवेश किए बिना अपने गंतव्य तक जा सकते हैं| उदाहरण के लिए, यदि कोई ट्रक जयपुर से पंजाब की ओर जा रहा है और उसे दिल्ली में माल नहीं पहुंचाना है, तो उसे दिल्ली के अंदर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती|
Mumbai Nashik Expressway
ये एक्सप्रेसवे मुंबई को नाशिक से जोड़ता है| इस एक्सप्रेसवे की लम्बाई 150 km तक की है| इस एक्सप्रेसवे को बनाने में 40 billion (4,000 crore) रूपये का खर्च आया था| ये भी Bharat ka sabse bada expressway के लिस्ट में आता है| इस मार्ग पर कसारा घाट और इगतपुरी जैसे क्षेत्र आते हैं| पश्चिमी घाट का यह हिस्सा प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है|
यह मार्ग महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन क्षेत्रों के बीच connectivity प्रदान करता है| यह मार्ग मुंबई महानगर क्षेत्र को नासिक, इगतपुरी और उत्तर महाराष्ट्र के कई हिस्सों से जोड़ता है| इस सड़क का उपयोग बड़ी संख्या में यात्री वाहनों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों द्वारा भी किया जाता है|

Hyderabad Outer Ring Road
ये एक्सप्रेसवे तेलंगाना के हैदराबाद में स्तिथ है जो की लगभग 158 km लम्बा है| ये एक 8 lane एक्सप्रेसवे है जिसे 100 km/h की स्पीड से गाड़ी चलाने के लिए ख़ास तौर पर बनाया गया है| ये एक्सप्रेसवे ना सिर्फ ट्रैफिक को अच्छी तरह से मैनेज करता है बल्कि हैदराबाद को कई बड़े शहरों से जोड़ता भी करता है|
इस एक्सप्रेसवे की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ये है कि ये सीधे राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ता है जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों से एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान होता है| इससे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ एयर कार्गो और व्यावसायिक यातायात को भी लाभ मिलता है|
Yamuna Expressway
इस एक्सप्रेसवे को ताज एक्सप्रेसवे भी कहा जाता है जो की एक 6 lane एक्सप्रेसवे है| इसकी शुरुवात साल 2012 में हुई थी| ये एक्सप्रेसवे लगभग 165 km लम्बी है और ये Bharat ka sabse lambe expressway में से एक है|
यमुना एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख एक्सप्रेसवे है, जो ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ता है| रास्ते में यह उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के पास से गुजरता है, जिनमें मथुरा और अलीगढ़ क्षेत्र प्रमुख हैं|
ग्रेटर नोएडा में यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-NCR के सड़क नेटवर्क से जुड़ता है, जबकि आगरा में यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों से connectivity प्रदान करता है| यमुना एक्सप्रेसवे बनने से दिल्ली-NCR और आगरा के बीच सड़क यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित हुई|
Agra Lucknow Expressway
ये एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में स्तिथ एक 302 km लम्बा एक्सप्रेसवे है| ये एक्सप्रेसवे 6 lane एक्सप्रेसवे है जिसे Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority द्वारा रोड ट्रैफिक को कम करने के लिए बनाया गया है| इसे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों के बीच तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया है|
आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ता है। इससे-
- माल परिवहन आसान होता है
- औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच बेहतर होती है
- कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलती है
- व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलता है
- एक्सप्रेसवे के आसपास आर्थिक गतिविधियों का विकास होता है
इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता यह है कि आपातकालीन परिस्थितियों में विमानों के संचालन के लिए इसके कुछ हिस्सों को रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की व्यवस्था की गई है| इस एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायुसेना के विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ के अभ्यास भी किए गए हैं| ये longest expressway in India के लिस्ट में भी शामिल है|




