Rahat Indori Shayari – राहत इन्दोरी महफ़िल – “दोस्ताना ज़िन्दगी से लेकिन मौत से यारी रखो..”

Rahat indori shayri – Hi friends, मैं अनिरुद्ध फिर से आपका स्वागत करता हूँ मेरे शायरी ब्लॉग Anicow.com पर| कल रात मैं Rahat indori साहब के शायरी पढ़ रहा था| मेरी कल रात की नींद और आज सुबह का मिज़ाज काफी अच्छा है| आज सुबह से मेरे आस पास के लोग पूछ रहे है, “भाई फिर से किसी से मोहब्बत कर बैठा क्या”…?

अगर आप शायरी के दीवाने है और मेरी तरह शायरी की ज़िन्दगी जीते है तो आप Dr Rahat indori साहब को जरूर पहचानते होंगे| अगर नहीं, तो आज से आप शायरी से मोहब्बत करने लगेंगे, क्योंकि इनकी शायरी में मोहब्बत के ऐसे नटखट अलफ़ाज़ है जो किसी को भी दीवाना बना दे| तो चलिए पढ़ते है Rahat indori shayari in hindi.

Rahat indori shayari

चलिए आज के शायरी महफ़िल का शुभारंभ राहत इन्दोरी साहब के अंदाज़ में करते है-

# गुलाब, ख़्वाब, दवा, जहर, जाम क्या क्या है..?
मैं आ गया हूँ, बता इंतज़ाम क्या-क्या है?

# मैंने अपनी खुश्क आँखों से लहू छलका दिया,
एक समन्दर कह रहा था, मुझको पानी चाहिए..!!

प्यास मोहब्बत की है, कैसे भुझेगी? इस शायरी में राहत साहब दरिया के गुरुर को तोड़ते हुए कहते है-

# बहुत गुरुर है दरिया को अपने होने पर,
जो मेरे प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ..!!

rahat indori shayari

rahat indori shayari – pic source

Rahat indori shayri

# अब ना मैं हूँ ना बाकि हैं ज़माने मेरे​,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में अफ़साने मेरे​,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी मिलेंगे​,
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे..!!

मोहब्बत में एक प्रेमी को खाली हाथ ज़लील होकर प्रेमिका के शहर से जाना पड़ा| बहुत जुल्म हुए, पत्थर बरसे! लेकिन जाते जाते प्रेमी बोला-

# हाथ खाली हैं तेरे शहर से जाते जाते,
जान होती तो तुझपर लुटाते जाते,
अब तो तेरे शहर के हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है,
उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते जाते..!!

Dr Rahat indori shayari in hindi

राहत साहब मौत से दोस्ती की नसीहत देते है| क्या खूब कहा है राहत इन्दोरी साहब ने-

# आँख में पानी रखो और होंठो पर चिंगारी रखो,
ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो,
एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तो,
दोस्ताना ज़िंदगी से और मौत से यारी रखो..!!

# उस की याद आई है.. साँसों ज़रा आहिस्ता चलो,
धड़कनो से भी इबादत में ख़लल पड़ता है…!!

# अजनबी ख़्वाहिशें सीने में दबा भी न सकूँ,
ऐसे ज़िद्दी हैं दिल के परिंदे कि उड़ा भी न सकूँ..!!

# आते जाते रहते हैं कई रंग मेरे चेहरे पर,
लोग लेने लगे है मजा ज़िक्र तुम्हारा कर के..!!

Rahat indori sher – अच्छा किया तुमने मुझसे किनारा करके

# ​तेरी हर बात ​इश्क़ में गँवारा करके​,
​दिल के बाज़ार में बैठे हैं हम खसारा करके​,
​मैं वो दरिया हूँ कि हर बूंद भंवर है जिसकी​,​​
अच्छा किया तुमने मुझसे किनारा करके..!!

# दोस्ती जब किसी से की जाएं,
तो दुश्मनों से भी राय ली जाएं..!!

Rahat indori ki shayari

# चेहरों के लिए कई आईने कुर्बान किए हैं,
इस शौक में हमने अपने बड़े नुकसान किए हैं,​
महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है वो बहुत खुश​,
जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किए है..!!

# रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है,
चाँद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है..!!

Rahat indori best shayari

राहत साहब का नटखट अंदाज़ देखिये-

# बीमार को मर्ज़ की दवा देनी चाहिए,
मैं पीना चाहता हूँ पिला देनी चाहिए..!!

राहत इन्दोरी साहब का आंधी को नसीहत-

# शाख़ों से टूट जाएं वो पत्ते नहीं हैं हम,
आँधी से कोई कह दो कि अपनी औक़ात में रहे..!!

Rahat indori shayari in urdu

# ज़ुबाँ तो खोल नज़र तो मिला जवाब तो दे,
मैं कितनी बार लूटा हूँ जरा मुझे हिसाब तो दे..!!

# फूक़ डालूंगा मैं किसी रोज़ ये दिल की दुनिया,
ये तेरा ख़त तो नहीं है की जला भी न सकूं..!!

कहते है की इंसान में ईमान और खुद्दारी रेहनी चाहिए| राहत साहब की ये शायरी इसे बयां करती है-

# जा के ये कह दो कोई उन शोलो से,
चिंगारी से फूल इस बार खिले है बड़ी तैयारी से,
बादशाहों से भी फेंके हुए सिक्के ना लिए हमने,
ख़ैरात भी माँगी है तो अपनी खुद्दारी से..!!

Rahat indori romantic shayari in hindi

काफी रोमांटिक और शरारती मिज़ाज में राहत साहब फरमाते है-

# कही अकेले में मिले तो झंझोड़ दूँगा उन्हें,
जहाँ जहाँ से वो टूटे है जोड़ दूँगा उन्हें..!!

# प्यास तो हमारी सात समन्दर जैसी थी,
ना किसी हक हमने बारिश का अहसान लिया..!!

Rahat indori sad shayari

# सूरज सितारे चाँद मिरे सात में रहेंगे,
जब तक तुम्हारे हात मिरे हात में रहेंगे..!!

# उसे वफ़ाओं से गुजर जाने की जल्दी थी,
मगर इस बार मुझे अपने घर जाने की जल्दी थी,
मैं आखिर, कौन सा मौसम तुम्हारे नाम कर देता तुम ही बताओ,
यहाँ हर एक मौसम को गुजर जाने की जल्दी थी..!!

Rahat indori love shayari

# ना कोई हमसफ़र ना किसी हमनशीं से निकलेगा,
हमारे पाँव का काँटा हमी से ही निकलेगा..!!

# हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे यहाँ से,
कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते..!!