खेल विश्लेषक : एक खेल उत्साही के लिए एक अद्भुत कैरियर विकल्प

खेल हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा रहे है जो हमारे शरीर को चुस्त और दुरुस्त रखने में एक बहुत अहम role play करते है। बच्चो से लेकर बड़ो तक, सब खेल का खूब आनंद लेते है और लुत्फ़ उठाकर खेलते है। यह शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है और मानसिक तंदुरुस्ती लेकर आता है। बच्चे अलग अलग प्रकार के खेल खेलना पसंद करते है, जिनमे क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन इत्यादि सब आते है। इन सब के अलावा बहुत सारे इंडोर गेम्स भी है जो बच्चों में एक आकर्षण का केंद्र रहे है। इन सब के चैस, टेबल टेनिस आदि का काफी क्रेज है आज की पीढ़ी में।

यदि हम आज के इस वर्तमान दौर की बात करे तो खेल सिर्फ एक मनोरंजन का सोर्स नहीं रह गया है, बदलते समय के साथ खेल भी हमारे जीवन का एक बहुत ही ख़ास हिस्सा बन गए है। ग्लोबलाइजेशन और मॉडर्नाइजेशन ने खेलों को एक नयी दिशा प्रदान की है और साथ ही साथ युवाओं को खेलो की दुनिया में एक बेहतरीन करियर बनाने के बहुत सारे सुनहरे अवसर भी।

वर्तमान समय की बात करे तो खेलों की दुनिया में बहुत बदलाव आये है। खेलों ने एक बहुत ही प्रोफेशनल एप्रोच अपना लिया है, जो मदद करता है खेलों की लोकप्रियता बढ़ाने में और युवाओं को अपनी और आकर्षित करने के लिए। कोई भी खेल अब सिर्फ खिलाड़ी या दर्शकों तक सिमित नहीं रह गया है, इसमें और भी बहुत सारे ऐसे लोग जुड़ते है, जिनके योगदान की वजह से किसी भी खिलाड़ी या टीम की परफॉरमेंस बेहतर बनती है।

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ऐसा ही एक करियर ऑप्शन होता है खेल विश्लेषक का, जिसे हम sports analyst भी कहते है। आज के खेल से जुड़े सवाल जवाब में हम जानेंगे की कैसे एक खेल विश्लेषक का करियर बहुत ही सुनहरा होता है। एक स्पोर्ट्स एनालिस्ट की बहुत ही ख़ास भूमिका होती है। जिस तरह खेल बहुत ही ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो गए है, हर टीम को जरूरत होती है ऐसे विशेषज्ञ की, जो किसी भी खेल के किसी भी मैच से पहले, मैच के समय और मैच के बाद का एक detailed analysis निकाल सके। खेल विश्लेषक का मुख्य कार्य होता है खेल के हर पहलु को बहुत ही बारीकी से देखना और साथ ही हर छोटी से छोटी चीज का विश्लेषण करते हुए एक रिपोर्ट बनाना।

इन सब के अलावा, खेल विश्लेषक अपनी टीम के खिलाडियों की परफॉरमेंस की डिटेल्ड रिपोर्ट बनाता है, उनकी strength, weakness के बारे में बताता है और साथ ही साथ opponent team के बारे में भी सारी रिसर्च करता है। यह एक बहुत ही ख़ास करियर ऑप्शन है उन लोगो के लिए जो खेल में बहुत रूचि रखते है और इसके बहुत बड़े फैन है। यह खेल किसी भी प्रकार का हो सकता है – इंडोर गेम भी और आउटडोर गेम भी। इंडोर गेम्स में बैडमिंटन, चैस इत्यादि है और आउटडोर गेम्स में क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल आदि सब आते है। किसी भी खेल प्रेमी के लिए खेल विश्लेषक का करियर विकल्प बहुत ही अदभुत और आकर्षित करने वाला होता है।

एक खेल विश्लेषक दो भिन्न प्रकार के कार्य कर सकता है। इनमें पहला होता है समीक्षक (Commentator) और दूसरा होता है सांख्यिकीवाद (Statistician).

एक खेल समीक्षक को किसी चल रहे खेल का विश्लेषण करना होता है और उसे लोगों को बताना होता है। यहाँ पर खेल विश्लेषक को उस खेल की सम्पूर्ण जानकारी होने के साथ साथ एक अच्छा निरीक्षक होना भी अनिवार्य है। तभी एक खेल विश्लेषक उस खेल के एक एक पहलु का विश्लेषण करके लोगों को बता सकता है। साथ ही यहाँ पर खेल विश्लेषक के पास एक बेहतरीन communication skill और मजबूत अवलोकन कौशल भी होना चाहिए।

अब यदि Statist खेल विश्लेषक की बात करें तो यह खेल के डाटा और आंकड़ों के साथ काम करता है। इस प्रकार के खेल विश्लेषक की गणित और सांख्यिकी बहुत अच्छी होनी चाहिए। इस कार्य में आपको बार बार खेल के वीडियोस रिपीट कर के देखने पड़ सकते हैं। यहाँ आप अपने निष्कर्षों के साथ सांख्यिकीय मॉडलिंग करने के लिए तैयार रहें। खेल प्रतियोगिता में आगे बढ़ने के लिए कई टीमें खेल विश्लेषक को hire करते हैं ताकि वह उनकी वीडियोस देखकर उनकी गलतियां बता सके और यह बी बता सके की किस प्रकार से वह अपने खेल को और खेलने के तरीके को सुधार सकते हैं। इसके लिए खेल विश्लेषक प्रत्येक क्रिया के लिए कुछ संख्याओं का इस्तेमाल करता है और टीम के प्रदर्शन का आंकलन कर उसकी एक रिपोर्ट बनाता है।

एक विश्लेषक का कार्य मनोरंजक तो होता ही है परन्तु यह एक जिम्मेदार कार्य भी होता है। एक खेल विश्लेषक बनने के लिए आपको स्वयं उस खेल का अच्छा ज्ञान होना चाहिए ताकि आप उस खेल के प्रत्येक बिंदु को जान सकें और छोटी से छोटी गलती तथा पकड़ सकें। एक खेल विश्लेषक बनने के लिए आपको अनुभव होना भी अनिवार्य है। इस प्रकार से एक खेल विश्लेषक एक खिलाड़ी एवं टीम की गलतियां सुधारकर उन्हें एक बेहतर टीम बनने में सहायता प्रदान करता है।