Shaheed Bhagat Singh Shayari – वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं

Shaheed Bhagat Singh Shayari – स्वागत है आपका Anicow.com पर| दोस्तों आज हम आपके लिए लेकर आये है Shaheed Bhagat Singh ki shayari. शहीद भगत सिंह सिर्फ एक देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि एक अच्छे लेखक भी थे|

भगत सिंह जी को पढ़ने का बहुत शौक था| वो देशभक्ति की किताबें और प्रसिद्ध क्रांतिकारियों की जीवनी पढ़ना पसंद करते थे| कहते है की जिस दिन उनकी फांसी होनी थी उस दिन भी वो Lenin की किताब पढ़ रहे थे, जो अधूरी रह गयी थी| शहीद भगत सिंह की इन शायरी को पढ़कर आप भी भारतीय होने पर गर्व करेंगे|

Shaheed Bhagat Singh shayari in hindi

# लिख रहा हूँ अंजाम जो कल उसका आग़ाज़ आएगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा कल इंकलाब लाएगा..!!

# Likh raha hu anjaam jo kal uska aaghaz aayega,
mere lahoo ka har ek katra kal inqalab laayega…

# ज़माने में मिलते होंगे आशिक़ कई,
पर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं..!!

# Zamane me milte honge aashiq kai,
par watan se khoobsurat koi sanam nahi..

# वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं,
तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं..

# Watan se khoobsurat koi sanam nahi,
tirange se khoobsurat koi kafan nahi..

Shaheed Bhagat Singh ki shayari

# लिख दो अपने लहू से ये अमर कहानी वतन के लिए,
कर दो कुर्बान अपनी ये जवानी वतन के लिए..!

# Likh do apne lahoo se ye amar kahani watan ke liye,
kar do kurbaan apni ye jawani watan ke liye..

# वो इश्क़ का आलम भी कितना हसीन रहा होगा,
रांझा जिसमे भगत और हीर जिसमे आज़ादी रही होगी..!

# Wo ishq ka aalam bhi kitna haseen raha hoga,
raanjha jisme bhagat aur heer jisme azaadi rahi hogi…!

Shaheed Bhagat Singh par shayari

# मेरे ज़ज्बातो से कुछ इस कदर वाकिफ है मेरी कलम,
मैं इश्क़ लिखता हूँ तो इंकलाब लिख जाता है..!

# Mere jajbaato se kuch iss kadar waakif hai meri kalam,
main ishq likhta hu tou inqualab likh jata hai..

Shaheed Bhagat Singh shayari in hindi – Desh bhakti shayari

# मेरे जीवन पर कर्ज़ा है भगत सिंह की चीखों का,
मेरा जीवन सफल है उनकी दी गयी सिखों का..

# Mere jeevan par karza hai bhagat singh ki chhikho ka,
mera jeevan safal hai unki di gayi sikho ka..

# सिर्फ इतनी सी बात इन हवाओं को बताये रखना,
रौशनी जरूर होगी, तुम चिरागों को जलाये रखना,
लहू देकर जिसकी की है हिफाज़त हमने,
उस तिरंगे को अपने दिल में बसाये रखना..

# Sirf itni si baat in hawao ko bataye rakhna,
roshni jarur hogi, tum chirago ko jalaye rakhna,
lahoo dekar jiski ki hai hifazat humne,
us tirange ko apne dil me basaye rakhna..

Bhagat Singh Shayari in hindi

23 March Bhagat Singh shayari

# कभी वतन के लिए सोच कर देख लेना,
कभी इस मिटटी को चूम कर देख लेना,
कितना मज़ा आता है मरने में यारो,
कभी इस मुल्क के लिए मर कर देख लेना..

# Kabhi watan ke liye soch kar dekh lena,
kabhi iss mitti ko chum kar dekh lena,
kitna maza aata hai marne me yaaro,
kabhi iss mulk ke liye mar kar dekh lena..

# चलो आज वो नज़ारा फिर याद कर ले,
शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर ले..

# Chalo aaj wo nazara phir yaad kar le,
shahido ke dil me thi jo jwala wo yaad kar le..

# ना तन से प्यार, ना धन से प्यार,
हमे तो सिर्फ वतन से प्यार..

# Naa tan se pyar, naa dhan se pyar,
hume tou sirf watan se pyar..

# है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर,
और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर,
ख़ून से खेलेंगे होली अगर वतन मुश्क़िल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है..!!
वक़्त आने पर बता देंगे तुझे, ए आसमान,
हम अभी से क्या बताएँ क्या हमारे दिल में है,
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है…!!
– राम प्रसाद बिस्मिल