Pradushan par Nibandh – प्रदूषण पर निबंध – Pollution essay in hindi

प्रदूषण पर निबंध – नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका Anicow.com पर| आज हम आपके लिए लेकर आए है nibandh लेखन जिसमे हम चर्चा करेंगे Pradushan par nibandh. हमने यहाँ सहज और simple तरीके से इस निबंध को आपने सामने रखा है ताकि आसानी से आप इसे समझ सके| हमने यहाँ लगभग हर तरह के प्रदूषण पर चर्चा किया है| तो चलिए शुरू करते है|

Pradushan par Nibandh

Pradushan par Nibandh, प्रदूषण पर निबंध

Pradushan par Nibandh

एक तरफ तो हमे विज्ञान ने नए नए आविष्कार दिए है और उसी विज्ञान का जब हम गलत उपयोग करने लगते है तो वो प्रदूषण कहलाता है| प्रदूषण की असली परिभाषा है – भूमि, जल, वायु, ध्वनि में पाए जाने वाले तत्व जब असंतुलित हो जाते है तो वो प्रदूषण कहलाता है| उदहारण के तौर पर वायु प्रदूषण चिंता का विषय तब बन जाता है जब AQI यानि air quality index का level बढ़ने लगता है| इस प्रदूषण के कारण आज वायु के साथ साथ जल भी दूषित हो रहा है| वायु प्रदूषण के फलस्वरूप पेड़, फसलें, खेत ही नहीं बल्कि मनुष्य और जानवर भी कई मुसीबतों का सामना कर रहे है| फसलें बिगड़ रही है, मनुष्यों में फेफड़ों से सम्बंधित कई बीमारियाँ बढ़ रही है| इस तरह से देखा जाए तो आज प्रदूषण ने पुरे environment को अपने चपेट में ले लिया है|

चलिए एक एक करके जानते है प्रदूषण के प्रकार – Pradushan par Nibandh –

वायु प्रदूषण Air pollution –

जिन तत्वों, कारणों से हमारा वायु प्रदूषित होता है, उसे वायु प्रदूषण (air pollution) कहते है और उन तत्वों को air pollutant कहते है| वायु प्रदूषण का सबसे मुख्य कारण है कल-कारखानों की चिमनी से निकलने वाला धुआँ जो प्रचुर मात्रा में वायु को प्रदूषित करता है| सड़क में चलते वाहनों से निकला धुआँ भी वायु प्रदूषण का एक कारण है| वायु प्रदूषण को साफ़ साफ़ देखा तब जाता है जब मुंबई जैसे शहरों में सूखे हुए कपड़ो को जब हम छत से उतारने के लिए जाते है, तब उनमे प्रचुर मात्रा में काले काले कण पाए जाते है| एक और उदहारण है मनुष्य में प्रचुर मात्रा में बढ़ने वाली फेफड़ों की बीमारियाँ|

अगर हमे इस से बचना है तो हमे पेड़ काटने बंद करने पड़ेंगे और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने पड़ेंगे| क्योकि एक पेड़ ही है जो हमे स्वच्छ ऑक्सीजन देते है, और हमे इसकी जरुरत आज हमारे चारो तरफ है|

जल प्रदूषण Water pollution –

आज जल प्रदूषण भी एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है| कल कारखानों से निकला हुआ waste पानी जब नाली से होकर पास के नदी में मिलता है और वही नदी जब मुख्य नदी से मिलकर फैलती है तो इसी तरह से जल प्रदूषण होता है| कल कारखानों से साथ साथ मनुष्य भी जल प्रदूषण का एक बड़ा कारण है| मनुष्य कचरे, कूड़े, प्लास्टिक को नदी के जल में फेकता है, जो आज मुख्यत हर शहर में हो रहा है| और वही नदी बाद में मुख्य नदी से जाकर मिलती है| जल प्रदूषण को रोकने के लिए हमे जायदा ज्यादा से लोगो को aware करना होगा की उनके पानी में फेंके गए कचरे से कैसे जल प्रदूषित होता है| क्योकि बचाव से पहले अगर उसके दुष्परिणाम को सामने लाया जाए तो awareness बहुत जल्दी फैलती है|

# जल प्रदूषण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री ने namami gange जैसे initiative को शुरू किया है जिसमें गंगा के पानी को प्रदूषण मुक्त और साफ़ रखने पर कार्य होता है|

ध्वनि प्रदूषण Noise pollution –

अक्सर आपने देखा होगा की बिना वजह के लोग गाड़ी में हॉर्न बजाते है, रात रात भर शादी, या किसी उत्सव पर high volume पर गाना बजता है; इन सब कारणों की वजह से वातावरण में ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है| ध्वनि प्रदूषण से सबसे बड़ा खतरा मानव जाति को होता है क्योकि इस से कान की बीमारियाँ, दिल की बीमारियाँ ज्यादा फैलती है| यहाँ तक की जिन्हे दिल की बीमारियाँ होती है या जिनका दिल कमज़ोर होता है उन्हें डॉक्टर शहर में रहने से भी मना करता है क्योकि शहर के शोर से उनमे ह्रदय सम्बन्धी रोग ज्यादा फैलता है| ध्वनि प्रदूषण से तनाव और बहरेपन जैसे रोग भी आज सामने आ रहे है|

मृदा प्रदूषण Soil pollution –

इस तरह का प्रदूषण आज कल काफी ज्यादा फ़ैल रहा है| आज कल खेतो में ज्यादा और तीव्र मात्रा में फलो, सब्जियों की उपजाऊ के लिए अलग अलग तरह के उर्वरकों, artificial chemicals का प्रयोग किया जा रहा है| इनके उपयोग से अधिक मात्रा में फल और सब्जियाँ उपजाऊ तो हो रही है लेकिन ये एक तरह से भूमि को प्रदूषित कर रही है| इसके साथ साथ कीट-नाशकों का प्रयोग भी काफी मात्रा में किया जा रहा है जो उस खेत की मृदा (मिट्टी) को दूषित कर रही है| इसे रोकने के लिए हमे किसानों को ज्यादा से ज्यादा सचेतन करना पड़ेगा|

प्रदूषण को कैसे रोके – Pradushan par nibandh –

# हमे छोटे छोटे स्तर से शुरू करना पड़ेगा| हमे गांव में ज्यादा से ज्यादा छोटे छोटे NGO, नाटकीय ग्रुप बनाने पड़ेंगे जो प्रदूषण पर कार्यक्रम प्रस्तुत करे| इसमें स्कूल और कॉलेज के छात्र बड़ी मात्रा में सहयोग कर सकते है|

# हमे नए क़ानून भी बनानी पड़ेगी जिसमें प्रदूषण को बढ़ावा देने पर सख्त कानूनी कार्यवाही का प्रावधान हो|

# अधिक से अधिक मात्रा में हमे पेड़ लगाने होंगे| सड़को के किनारे, घर के बगीचे में, स्कूल के गार्डन में, पार्क में, कॉलेज ग्राउंड में हमे अपने हाथों से पेड़ लगाने होंगे| किसी पर निर्भर ना रहते हुए हमे खुद से ये प्रण लेना होगा, हर एक को एक पेड़ लगाना होगा|

# हमे biodegradable products का उपयोग करना पड़ेगा जो पर्यावरण को दूषित ना करते हुए नष्ट होते है जैसे पेपर सबसे बड़ा उदहारण है| प्लास्टिक का त्याग करते हुए, पेपर के बने bags का इस्तेमाल करे|

# यहाँ वहाँ ना फेकते हुए dustbin का प्रयोग करे| इसके लिए हमे अपने आस पास ज्यादा से ज्यादा dustbin लाने पड़ेंगे और लोगो को सचेतन करना होगा की कचरा dustbin में फेंके| इस से कचरा पर्यावरण में ज्यादा नहीं फैलेगा, और पर्यावरण दूषित होने से बचेगा|

इन् छोटे छोटे steps से हम प्रदूषण पर नियंत्रण पा सकते है| शुरुवात आज से ही करे| जागरूक बने और दूसरों को भी बनाए, इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि लोगो तक ये बात पहुंचे!


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