Mutual funds in hindi – Mutual fund kya hai? पूरी जानकारी हिंदी में

Mutual funds in hindi – स्वागत है आपका फिर से India के leading blog Anicow.com पर| आज हम आपको यहाँ इस आर्टिकल में बताने वाले है Mutual funds के बारे में| हम आपको यहाँ mutual funds से सम्बंधित हर एक जानकारी देने वाले है जैसे-

* Mutual fund kya hota hai?
* Mutual fund में fund manager कौन है?
* Mutual fund investment के अलग अलग sectors? (Public and private)
* Popular Mutual funds platforms in India

दोस्तों म्यूच्यूअल फण्ड का नाम सुनते ही सबके जेहन में सिर्फ एक ही बात आता है “इसमें रिस्क है”| देखिये रिस्क तो हर चीज़ में है, लेकिन अगर सावधानी से पूरी जानकारी के साथ अगर invest किया जाए तो ‘mutual fund sahi hai’|

असल प्रॉब्लम है हमारे invest करने का तरीका| हम बिना सोचे समझे किसी broker के सुझाव पर इन्वेस्ट कर देते है| हमारा intention रहता है कम समय में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा, और बिना research किए एक साथ lumsum amount इन्वेस्ट कर देते है| जब market थोड़ा down रहता है तब घबरा जाते है और funds hold रखने की जगह withdraw/sell कर देते है| दरअसल हम risk से डरते है, लेकिन हमे ज्यादा लोभ से डरना चाहिए|

Mutual funds investment के दो सबसे important formulas है-
* Long term investment goals
* Small amount investment, लेकिन multiple funds (हमे एक टोकरी में सारे अंडे नहीं रखना चाहिए)

ऊपर के इन दोनों formulas जो जो समझ गया वो mutual fund में बहुत आगे तक जायेगा| लेकिन इन सब से पहले आपको mutual funds से जुड़े कुछ basic बातों को समझना होगा| और इसी वजह से हमने इस आर्टिकल को publish करने के बारे में सोचा| इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप mutual fund के बारे में basic जानकारी समझ लेंगे और confident महसूस करेंगे| क्योकि अगर नीव पक्की रही तो ईमारत मजबूत बनेगी| तो चलिए शुरू करते है|

Mutual fund in hindi - mutual fund kya hai
Mutual fund in hindi – mutual fund kya hai

Mutual funds in Hindi – Mutual fund kya hai?

मैं आपको एकदम simple तरीके से उदहारण के साथ समझाता हूँ Mutual fund kya hota hai? क्योकि ये टॉपिक आपके लिए नया हो सकता है, इसलिए एक simple उदहारण सही रहेगा| दोस्तों mutual funds ठीक fixed deposit, MIS, PPF, इत्यादि जैसा ही होता है| Mutual fund दो शब्दों के मेल से बना है > mutual + fund.

Mutual का मतलब होता है आपसी या पारस्परिक| चलिए उदहारण के लिए यहाँ fund का मतलब एक ‘box’ समझ लेते है|

अब सोचिए इस box में आप और आपके दो दोस्त कुछ पैसे रखते है| मतलब आप तीनों का कुछ पैसा उस box में है| तो यहाँ आप तीनों investors कहलायेंगे| अब इस box को एक आदमी देख-रेख (manage) करेगा, जो की fund manager कहलायेगा|

वो fund manager इस box में रखे पैसों को अलग अलग sectors (public, private) में mutually, equally एक ratio में invest करेगा| समझ लीजिये उसने public sector में 60% इन्वेस्ट किया और private sector में 40% इन्वेस्ट किया|

ये फण्ड मैनेजर एक qualified professional होता है जो investment guru होता है| किस सेक्टर में कितना लगाना है, कौन सा सेक्टर मुनाफा देगा, इन सब बातों की सूझ-बुझ उसे रहती है| इस फण्ड मैनेजर के बारे में हम आगे इस आर्टिकल में पढ़ेंगे|

तो उस फण्ड मैनेजर ने अब जिन जिन sectors में आपके box से निकाल कर पैसे लगाए थे, वो sectors कुछ समय बाद मुनफा करेगी| अब उस मुनाफे से निकाले गए पैसों को वो फण्ड मैनेजर आप तीनों दोस्तों में mutually, उसी ratio में बाट देगा जिस ratio में आप तीनों ने उस box में पैसा डाला था|

अब इस पुरे process में तीन बातें समझने लायक है-

* Fund manager कौन है?
* वो किन किन sectors में पैसा लगाएगा
* वो sectors कैसे मुनाफा देंगी

तो चलिए आगे पढ़ते है, और जान लेते है|

Mutual fund में Fund manager कौन है?

Fund manager का काम है एक fund/box में invest किये गए पैसे को mutually, एक ratio में अलग अलग sectors में कुछ इस तरह से invest करना ताकि ज्यादा से ज्यादा return मिले और risk कम रहे| एक fund manager अलग अलग sectors के साथ tally करता है जैसे public sectors, private firms, stocks, bonds, company shares, assets, इत्यादि; और जिस sector में opportunity ज्यादा रहती है वहाँ एक ratio में fund को invest करता है|

यहाँ ratio से मतलब है जैसे समझ लीजिये की उस box में आप तीनों ने 10 रुपये डाले| अब fund manager market research करेगा| अब उसने देखा की public sector में पिछले कई सालो से अच्छा return रहा है तो वो उसमे 4 रुपये डालेगा| उसने देखा की agriculture sector भी अच्छा चल रहा है तो वो उसमे 3 रुपये डालेगा| 1 रुपये वो steel industry में डालेगा, और दो रूपये वो solar energy में डालेगा| वो अपने सूझ-बुझ से कुछ इस तरह invest करेगा ताकि अगर एक sector low रहे तो दूसरा sector high return दे दे| इसलिए तो इसका नाम है mutual fund यानी आपसी या पारस्परिक तरीके से invest करना|

इसलिए इन सब में एक fund manager की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहती है| वो एक experienced और well-qualified person रहता है जो risk management करता है, अलग अलग strategies लगाता है, fund के portfolios maintain करता है; ताकि ज्यादा से ज्यादा return मिले|

Personal tip – आप जब भी किसी fund में invest करे तो उस fund के manager के बारे में जानकारी जरूर ले| गूगल में जाए और उस fund manager के portfolio पर research करे, उसने पिछले साल कैसा performance दिया है, उसकी देख-रेख में कितना return रहा है; इन सब के बारे में जानकारी जरूर ले| अपने broker से इस बारे में बात जरूर करे|

Mutual fund में अलग अलग sectors क्या है, कुछ उदहारण-

कई sectors market में मौजूद है जैसे-

# Public sectors

# Private sector

# Pharma

# Construction

# IT

# Agriculture, fertilizers

# Construction, manufacturing industries

Mutual funds in hindi – ये sectors return कैसे देती है?

दरअसल ये अलग अलग sectors हमारे पैसो को उनके अलग अलग projects में लगाती है| और जब उन projects से मुनाफा होता है तो उसे हमारे साथ equally उसी ratio में share किया जाता है जिस ratio में हमने invest किया था| मतलब अगर आपने 10 रुपये invest किये थे तो आपको उस हिसाब से percentage मिलेगा, आपके friend ने 1000 रूपये invest किया था तो उसे 1000 के ऊपर percentage return मिलेगा|

चलिए अब कुछ popular mutual fund platforms के बारे में जान लेते है जो हमारे देश में सबसे ज्यादा popular है|

Popular mutual fund platforms-

# UTI mutual fund company – visit here

# SBI mutual funds – visit here

# ICICI mutual funds – visit here

# Reliance mutual funds – visit here

# HDFC mutual funds – visit here

# Axis mutual funds – visit here

Note –

  • ध्यान रहे म्यूच्यूअल फण्ड को पूरी तरह से मार्केट नियंत्रित करता है  इसलिए इन्वेस्टमेंट से पहले पूरी जानकारी ले|

Final words-

हम उम्मीद करते है की इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद mutual funds से सम्बंधित basic जानकारी आपने प्राप्त कर ली है| लेकिन अगर आप फिर भी confident नहीं है, तो और थोड़ा वक़्त लीजिये, बढ़िया से research कीजिये, फिर invest कीजिये| तुरंत किसी broker के बहकावें में ना आए|

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