Khubsurti ki Tareef Shayari – निगाह उठे तो सुबह हो जाए, निगाह झुके तो शाम

Khubsurti ki Tareef Shayari – स्वागत है आपका Anicow.com पर| आज हम आपके लिए लेकर आये है Khubsurti ki Tareef Shayari जो किसी की सुंदरता और ख़ूबसूरती बयां करती है| अक्सर कुछ चेहरे हमे इतने खूबसूरत लगते है की उनकी तारीफ किये बिना रहा नहीं जाता| ऐसा हर किसी के ज़िन्दगी में होता है जब कोई हद से ज्यादा खूबसूरत लगता है| अगर आप किसी की खूबसूरती पर उसकी तारीफ करना चाहते है तो आप इन Khubsurti pe shayari की मदद ले सकते है|

Khubsurti ki Tareef Shayari

# देखकर तेरी ख़ूबसूरती देखो वो चाँद भी शर्मा रहा है,
तुम कितनी खूबसूरत हो चाँद भी फ़रमा रहा है..!!

# Dekhkar teri khoobsurti dekho wo chand bhi sharma raha hai,
tum kitni khoobsurat ho chand bhi farma raha hai..!!

# पता है क्यों रात को वो चाँद आधा आता है,
क्योकि वो भी तेरी ख़ूबसूरती को देख शर्माता है..!!

# Pata hai kyo raat ko wo chand aadha aata hai,
kyoki wo bhi teri khoobsurti ko dekh sharmata hai..!

# ये जो अपने हुस्न से हमारे बदन को हलाल करते हो,
करते तो हो ये जुर्म लेकिन बेमिसाल और कमाल करते हो..!!

# Ye jo apne husn se humare badan ko halal karte ho,
karte tou ho ye jurm lekin kamaal karte ho..!!

Khubsurti ki Tareef Shayari

Khubsurati pe Shayari

# निगाह उठे तो सुबह हो जाए,
निगाह झुके तो शाम हो जाए,
जरा सा मुस्कुरा दे वो तो,
शहर में कत्ले-आम हो जाए..!!

# Nigah uthe tou subah ho jaaye,
nigah jhuke tou shaam ho jaye,
jara sa muskura de wo tou,
shehar me katle-aam ho jaaye..!!

# इतनी अदाए क्या कम थी जो एक और भी शामिल है,
कातिल सूरत पहले भी थी,
अब तो आँखों में काजल भी ढाली है..!!

# Itni adaye kya kam thhi jo ek aur bhi shaamil hai,
kaatil surat pehle bhi thhi,
ab tou aankho me kajal bhi dhaali hai..!

Khubsurti ki Tareef Shayari 2 line

प्रेमी अपनी प्रेमिका की बहुत तारीफ कर रहा था और थम ही नहीं रहा था| इतने में प्रेमिका ने मज़ाकिया अंदाज़ में जवाब दिया-

# मैं इतनी भी खूबसूरत नहीं जितनी तुम तारीफ में कर जाते हो,
कही किसी और के हिस्से की तारीफ मुझे तो नहीं सुनाते हो..?

# Main itni bhi khoobsurat nahi jitni tum tareef me kar jaate ho,
kahi kisi aur ke hisse ki tareef mujhe tou nahi sunaate ho..?

Shayari on Khoobsurati

# वो बरसात भी उस दिन भीगा होगा,
जब हमने उनके हुस्न को छुआ होगा..!!

# Wo barsat bhi uss din bhiga hoga,
jab humne unke husn ko chhua hoga..!!

# जो कागज़ पर लिख रहा हूँ तेरे हुस्न की तारीफ,
ये कलम भी तेरी दीवानी होती जा रही है..!!

# Jo kaagaz par likh raha hu tere husn ki tareef,
ye kalam bhi teri deewani hoti jaa rahi hai..!!

# आज क्यों किसी की याद सोने नहीं दे रही,
इस ज़माने के बंदिश भी रोने नहीं दे रही,
ये कैसी कशिश है तेरी,
जो तुझे मेरा और मुझे किसी ओर का होने नहीं दे रही..!!

# Aaj kyo kisi ki yaad sone nahi de rahi,
iss zamane ke bandish bhi rone nahi de rahi,
ye kaisi kashish hai teri,
jo tujhe mera aur mujhe kisi aur ka hone nahi de rahi..!!

# जब बेवफाई का मंजर आता है,
बात करने का लहजा थोड़ा बदल जाता है..!!

# Jab bewafai ka manjar aata hai,
baat karne ka lehza thoda badal jata hai..!

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