Hindi Moral Story – ” सोने का कुत्ता ” – खुद विचार करो फिर decision लो !

Hindi moral story – हम अक्सर बिना सोचे समझे ही दुसरो की बातो को सुनकर decision ले लेते है और जो बाद में गलत भी निकलता है | फिर बाद में पछतावे के अलावा हमारे पास कुछ नहीं रहता |

ठीक इसी पर आधारित है हमारी आज की ये hindi moral story | आज की कहानी है एक किसान, एक राजा और एक कुत्ते की | कहानी से हमे बहुत बड़ी सिख मिलती है जो आपको कहानी के अंत में पता चलेगा |

तो चलिए पढ़ते है आज की hindi moral story “खुद विचार करो फिर decision लो”|

Hindi moral story – “खुद विचार करो फिर decision लो”

hindi moral story - take decision carefully
hindi moral story – take decision carefully

एक किसान हमेशा की तरह अपने खेत जा रहा था | खेत तक पहुंचने के लिए उसे एक जंगल को पार करना पड़ता है |

जैसे ही वो जंगल को पार कर रहा था उसने एक कुत्ते के भौकने की आवाज़ सुनी जो काफी अलग था | वो जंगल में उस कुत्ते को ढूंढ़ने लगा | जब उसे वो कुत्ता दूर से दिखा तो वो उसके पास गया | उस कुत्ते के पास जाते ही उसने एक अजीब घटना देखि | जब भी वो कुत्ता भौकता , तभी उसके मुँह से सोने के टुकड़े निकलते |

इस अजीब घटना को देखकर वो हैरान हो गया | उसने उस कुत्ते को तुरंत अपने साथ लिया और उसे घर ले गया | घर में जाकर उसने अपने पत्नी को पूरी बात बताई |

पत्नी ने पूरी बात सुनते ही किसान को बताया की उस कुत्ते को राजा साहब को दे आए | अगर राजा साहब को पता चल गया तो अनर्थ हो जायेगा |

वो किसान बिना सोचे समझे उस कुत्ते को एक पिंजरे में डालकर राजा साहब के पास ले गया |

 

राजा साहब ने भी पुरे घटना को देखा और दंग रह गया | जब भी वो कुत्ता भौकता तब उसके मुँह से सोना निकलता | फिर राजा ने अपने मंत्री से परामर्श लिया | मंत्री ने राजा से कहा > “राजन इस कुत्ते को महल से बाहर रखना ही ठीक होगा , वरना ये पुरे महल को गन्दा कर देगा |

राजा ने मंत्री की बात सुनी और कुत्ते को पिंजरे से आज़ाद किया | कुत्ता पिंजरे से बाहर निकलते ही बोला > तुम सारे बेवकूफ हो |

मैंने तुम सबको आमिर बनने का अवसर दिया लेकिन तुम लोगो ने घर आए लक्ष्मी को ठुकरा दिया | मैंने इस मेहनती किसान को अवसर दिया लेकिन उसने बिना सोचे समझे अपनी पत्नी की बात सुनी |

मैंने इस राजा को भी अवसर दिया ताकि वो इस राज्य का और ज्यादा विस्तार करे कर सके | लेकिन उसने भी बिना सोचे समझे अपने मंत्री की बात सुनी |

तुम सभी ने दुसरो की बात सुनी और निर्णय [decision] लेने में जल्दबाज़ी की |

 

Moral of the story-

दोस्तों इस जीवन में हर मेहनती इंसान को कभी ना कभी एक बड़ा अवसर मिलता है लेकिन हर कोई उस अवसर का फ़ायदा नहीं उठा पता | या तो वो इंसान दुसरो की बात सुनता है या फिर decision लेने में जल्दबाज़ी कर लेता है |

इसलिए हमेशा कोई भी निर्णय (decision) लेने से पहले अपनों की बात सुने ; लेकिन खुद भी विचार करे |


 

तो ये थी आज की short hindi moral story | मैं उम्मीद करता हु आपको पसंद आई होगी | ऐसे और भी moral stories in hindi मैं आपके लिए www.anicow.com पर लेकर आऊंगा |

अगर आपको ये hindi moral story पसंद आई है तो इसे share करना ना भूले |

# ऐसे और भी hindi moral stories पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे > Click here

# For more updates visit us again www.Anicow.com
# Subscribe us Free to get new releases update direct in your email #
Enter your email address: Delivered by FeedBurner