आंवला के मुरब्बे के 5 स्वास्थ्य लाभ जो शायद आप नहीं जानते होंगे

आंवला के मुरब्बे के 5 स्वास्थ्य लाभ जो शायद आप नहीं जानते होंगे

आंवला, जिसे Indian Gooseberry भी कहते हैं, एक खट्टा फल होता है। इसे आयुर्वेद में एक विशेष स्थान प्राप्त है क्योंकि इसकी सहायता से कई बीमारियों एवं शारीरिक समस्याओं का समाधान किया जाता है। इसमें कई पोषक तत्व विद्यमान होते हैं जिसके कारण यह body को nutrition and energy के साथ साथ औषधीय गुण भी प्रदान करता है। आज हम आपको आंवले के मुरब्बे के कुछ ऐसे गुण बताने जा रहे हैं जिसके बारे में आपने कभी नहीं सुना होगा परन्तु इनके बहुत फायदे होते हैं।

आंवले के मुरब्बे benefits
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यह पेट एवं पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है:

आंवले-का-मुरब्बा फाइबर्स से युक्त होता है जो पाचन क्रिया में सहायता प्रदान करता है। इसमें गैस्ट्रिटिस भी शामिल है जिसके कारण यह गैस्ट्रिक समस्याओं को भी दूर करता है। यह मुरब्बा sugar और honey के मिश्रण से बनाया जाता है, जिसके कारण यह कब्ज के लिए एक उपाय के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह आपके पेट को स्वस्थ रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि पेट की खराबी के कारण अधिकांश बीमारियाँ होती हैं जैसे कि अल्सर। अल्सर का अनुभव करने वाले रोगियों को आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए क्योंकि इसमें अल्सर-विरोधी गुण पाए जाते हैं। साथ ही यह आपको भयानक मुंह के छालों के दर्द से राहत देगा। गर्भावस्था के समय में भी आंवले का मुरब्बा एक औषधि की तरह कार्य करता है। यह माँ एवं संतान दोनों को healthy रखता है।

प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाता है:

आंवले के मुरब्बे में कई प्रकार के खनिज पदार्थ एवं पोषक तत्व पाए जाते हैं। जैसे chromium, जस्ता, copper, iron, प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन बी, स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल, कार्बोहाइड्रेट्स, आदि। शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के लिए इन सभी खनिजों एवं पोषक तत्वों को महत्वपूर्ण माना जाता है। क्रोमियम विशेष रूप से रक्त के कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखने और हृदय रोगों के खतरे को कम करने की क्षमता रखता है। यह आवर्ती संक्रमण जैसे सर्दी, बुखार, खांसी एवं अन्य बिमारियों के लिए एक सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय है। साथ ही यह सुखी खांसी के लिए बहुत ही beneficial है।

गठिया के दर्द एवं मासिक धर्म की समस्यों से राहत दिलाता है:

गठिया के दर्द, जोड़ों दर्द, आदि के लिए आंवला एक अच्छा उपाय माना जाता है। यह घुटने या जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है क्योंकि यह विटामिन सी से भरपूर होता है जो इन दर्द को कम करता है। आंवले के मुरब्बे का प्रति दिन दो बार सेवन करना चाहिए, विशेष रूप से सुबह इसका सेवन करने से अधिक फायदा मिलता है। इस कारण पाचन तंत्र मजबूत होता है और गठिया के दर्द से राहत मिलती है। साथ ही आंवले का मुरब्बा मासिक धर्म की ऐंठन को कम करता है। इसका नियमित रूप से सेवन निकट भविष्य में आने वाले मासिक धर्मों में पीड़ा एवं ऐंठन को कम कर देगा। मासिक धर्म में भारी मात्रा में खून बहने से होने वाले लोह तत्व के नुकसान की भरपाई आप आंवले के मुरब्बे का उपयोग कर के कर सकते हैं।

आंवले का मुराबा एनीमिया को ठीक करता है:

एनीमिया के कारण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं, हीमोग्लोबिन, एवं लोह तत्व की भारी कमी हो जाती है। ऐसे में आंवले के मुरब्बा का सेवन एनीमिया से पीड़ित व्यक्तियों के लिए बहुत फायदेमंद है। क्योंकि यह लोह तत्व अर्थात आयरन का एक समृद्ध स्रोत है। इसका सेवन करने से रक्त में हीमोग्लोबिन एवं लोह तत्व की पूर्ति होती है। किसी भी प्रकार से यदि शरीर से अधिक मात्रा में खून बह जाए तो रक्त की पूर्ति एवं कमजोरी को दूर करने के लिए इसका सेवन सर्वथा उचित माना गया है।

आंवले के मुरब्बे में आयुर्वृद्धि विरोधक गुण पाए जाते हैं:

आंवले-का-मुरब्बा विटामिन ए, विटामिन सी, एवं विटामिन ई से भरपूर होता है तथा anti-oxidant जैसे तत्वों से भी युक्त होता है। इन्हीं सब गुणों के कारण आंवले का मुरब्बा आयुर्वृद्धि विरोधक होता है। इसमें उपस्थित विटामिन ए कोलेजन नामक तत्त्व का उत्पादन करता है जिसके कारण त्वचा हमेशा नवीन बानी रहती है। इससे आपके शरीर की उम्र तो बढ़ती है परन्तु वृद्धावस्था वाले लक्षण कम हो जाते हैं। साथ ही आंवले के मुरब्बा में Vitamin C होने के कारण रक्त को साफ़ करता है जिससे मनुष्य के चेहरे पर कील एवं मुहासे कम हो जाते हैं।

उपरोक्त बताये गए गुणों एवं विशेषताओं के अलावा आवंला के और भी अन्य औषधीय गुण होते हैं। जैसे यह बवासीर से पीड़ित रोगियों के लिए बहुत लाभदायक है। इसमें मौजूद अम्ल, फाइबर्स, एवं विटामिन्स पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं जिससे बवासीर की बीमारी कम हो जाती है। आंवला में उपस्थित विटामिन सी एवं विटामिन ई सिर के बालों को स्वस्थ रखते हैं जिससे आपके बाल काले, मोठे, घने, और सुन्दर दिखाई देते हैं। साथ ही आंवले का मुरब्बा मनुष्य की नेत्रों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। यह eyes को जरुरी पोषण पहुंचाकर नसों को मजबूत करता है एवं दृष्टि में त्रुटियों को ठीक करता है। यदि आप बवासीर, बाल झड़ना, कमजोर आँखें, आदि समस्याओं से पीड़ित हैं तो आंवले के मुरब्बे का सेवन इन सभी समस्याओं से आपको छुटकारा दिला सकता है।

इसका सेवन करने से गले की खराश दूर होती है, मूत्रवर्धक समस्याएँ दूर होती हैं, तथा बाल जल्दी सफ़ेद नहीं होते। इसमें मौजूद कैल्शियम शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाता है। आंवले के मुरब्बे में विद्यमान सिट्रिक अम्ल कोलेस्ट्रॉल को कम कर पित्ताशय की पथरी से निजात दिलाता है। यह लिवर को healthy रख साफ़ पित्त का निर्माण करने में मदद करता है। आंवले-का-मुरब्बा कब्ज़, पीलिया, अलसर जैसी बिमारियों से बचने में सहायता करता है। नित्य आंवले के मुरब्बे का सेवन करने से cancer बनाने वाले कारकों का क्षय होता है एवं शरीर स्वस्थ रहता है।

इसलिए आप नित्य आंवले के मुरब्बे का सेवन करें एवं अपने आप को अनेकों बीमारियों से बचा कर रखें।